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न धुआं, न बदबू…फिर भी चली जाती है जान, सर्दियों में बंद कमरे में हीटर-अंगीठी जलाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
Winter Safety Tips: सर्दियों में ठंड से राहत पाने के लिए बंद कमरों में हीटर, अंगीठी और गैस गीजर का इस्तेमाल कई बार लोगों की जान पर भारी पड़ सकता है. डॉक्टरों के अनुसार ऐसे उपकरणों से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बिना किसी गंध के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा तेजी से कम कर देती है, जिससे बेहोशी और मौत तक का खतरा रहता है.
गाजियाबाद: सर्दियों का मौसम आते ही लोग ठंड से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं. खासतौर पर रात के समय लोग बंद कमरों में हीटर, अंगीठी, ब्लोअर या बाथरूम में गैस गीजर का इस्तेमाल करने लगते हैं. हालांकि यह तरीका ठंड से राहत जरूर देता है, लेकिन कई बार यह आदत बेहद खतरनाक साबित हो सकती है. डॉक्टरों का कहना है कि बंद कमरे में इन उपकरणों का लंबे समय तक उपयोग जानलेवा भी हो सकता है.
बंद कमरे में क्यों बढ़ जाता है खतरा
गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित यशोदा मेडिसिटी में कार्यरत वरिष्ठ श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार गुप्ता बताते हैं कि बंद कमरों में अंगीठी, हीटर, ब्लोअर या गैस गीजर चलाने से हवा में ऑक्सीजन की मात्रा तेजी से घटने लगती है. इसके साथ ही कार्बन मोनोऑक्साइड नाम की बेहद खतरनाक गैस बनने लगती है. यह गैस रंगहीन और बिना गंध की होती है, इसलिए व्यक्ति को इसका एहसास भी नहीं होता.
डॉ. गुप्ता के अनुसार कार्बन मोनोऑक्साइड गैस शरीर के रेड ब्लड सेल्स में ऑक्सीजन की तुलना में 200 से 250 गुना ज्यादा मजबूती से चिपक जाती है. इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई अचानक कम हो जाती है और दिमाग समेत सभी अंग प्रभावित होने लगते हैं.
शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज
जब कोई व्यक्ति बंद कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के संपर्क में आता है, तो सबसे पहले सिरदर्द, चक्कर, घबराहट, उलटी और बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. चूंकि यह गैस न दिखाई देती है और न ही किसी तरह की जलन या बदबू पैदा करती है, इसलिए लोग अक्सर इन लक्षणों को सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं.
डॉक्टरों का कहना है कि जैसे-जैसे गैस का स्तर बढ़ता है, व्यक्ति बेहोश हो सकता है. अगर समय रहते मदद न मिले तो दम घुटने से मौत का खतरा भी रहता है.
नैनीताल की घटना ने बढ़ाई चिंता
कुछ दिन पहले नैनीताल में ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक कैब चालक ने रात में गाड़ी के अंदर अंगीठी जलाकर सोने की गलती कर दी. सुबह दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई. डॉक्टरों के अनुसार इस तरह की घटनाओं का खतरा घरों में बच्चों और बुजुर्गों के लिए और भी ज्यादा होता है.
कैसे रखें खुद को सुरक्षित
डॉक्टरों की सलाह है कि हीटर या अंगीठी का इस्तेमाल केवल कमरे को थोड़ी देर गर्म करने के लिए ही करें और बाद में इन्हें बंद कर दें. सोते समय इन उपकरणों का उपयोग बिल्कुल न करें. कमरे में हवा के आने-जाने का सही इंतजाम रखें और खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला रखें.
इसके अलावा हीटर पर कपड़े सुखाने की गलती न करें, क्योंकि इससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है. रात के समय 4 से 6 घंटे तक लगातार हीटर चलाना बेहद खतरनाक हो सकता है. बेहतर है कि कुछ देर हीटर चलाकर कमरे को गर्म करें और बाद में रजाई और कंबलों का सहारा लें.